CAIT ने भारतीय स्टार्टअप्स में चीनी निवेश की जाँच की मांग को लेकर सरकार को लिखा पत्र

CAIT ने भारतीय स्टार्टअप्स में चीनी निवेश की जाँच की मांग को लेकर सरकार को लिखा पत्र

नई दिल्ली: व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने देश की सुरक्षा व डेटा प्राइवेसी को लेकर भारतीय स्टार्टअप्स में चीनी निवेश की जाँच की मांग की है. कैट ने मंगलवार को विभिन्न भारतीय स्टार्टअप्स में चीनी कंपनियों के निवेश की जाँच की मांग की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये स्टार्टअप्स डेटा को चीनी निवेशकों को ट्रांसफर नहीं कर रहे हैं व इस निवेश से देश की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है.

कैट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को लेटर लिखकर जाँच की मांग की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निवेश की आड़ में कोई गलत कार्य नहीं हो रहा है.

कैट ने लेटर में लिखा, 'पेटीएम मॉल, पेटीएम, ओला, ओयो, जोमैटो, पॉलिसी बाजार, बिग बास्केट, दिल्लीवरी, ड्रीम 11, हाइक, स्नैपडील, लैंसकार्ट, बायजू क्लास समेत कई स्टार्टअप्स में चीनी कंपनियों ने निवेश किया हुआ है. जाँच में ये सुनिश्चित किया जाए कि निवेश की आड़ में कोई बेइमानी न हो. कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने लेटर में यह बात कही.

उन्होंने आगे लिखा कि अलिबाबा, टेंसेंट व दूसरी चीनी कंपनियों भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश करने वाली मुख्य कंपनियां हैं व यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निवेश की आड़ में को देश की सुरक्षा व डेटा प्राइवेसी से जुड़ा कोई गलत कार्य ना हो.

इससे पहले सरकार ने सोमवार शाम 59 चीनी एप्स को बैन करने की घोषणा की थी. हिंदुस्तान सरकार ने इन सभी ऐप्स को हिंदुस्तान की एकता, रक्षा व राज्यों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैन करने का ऑर्डर जारी किया था. बैन हुए ऐप्स में TikTok शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप के अतिरिक्त DU Recorder, Vigo Video, Likee, Helo समेत कई चाइनीज लोकप्रिय ऐप्स शामिल हैं.