कांग्रेस ने ऑपरेशन वेस्ट एंड का उल्लेख करते हुए राफेल मामले पर मोदी सरकार को घेरने का किया प्रयास

कांग्रेस ने ऑपरेशन वेस्ट एंड का उल्लेख करते हुए राफेल मामले पर मोदी सरकार को घेरने का किया प्रयास

 कांग्रेस ने शुक्रवार को ऑपरेशन वेस्ट एंड का उल्लेख करते हुए एक बार फिर राफेल मामले पर मोदी सरकार को घेरने का प्रयास किया है. कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने मोदी सरकार पर इल्जाम लगाते हुए कहा है कि, "जिस तरीक़े से वेस्ट एंड मामले मे अदालत के माध्यम से सत्य देश के समक्ष आया है.

ऐसे ही जिस दिन राफ़ेल डील की जांच होगी तो पूरा देश इसका भी सच जान जाएगा क्योंकि भाजपा ने यह सौदा देश सुरक्षा के लिए नही, बल्कि अपनी जेब की सुरक्षा के लिए किया है. "

शेरगिल ने आगे कहा कि कांग्रेस ने 2001 के ऑपरेशन 'वेस्ट एंड' का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश के रक्षा सौदों के मामले में सरकार को पारदर्शिता बरतनी चाहिए थी, कानूनों का पालन किया जाना चाहिए था. ऑपरेशन 'वेस्ट एंड' ने इस सबका भंडाफोड़ कर दिया है. रक्षा सौदों के लिए वह दिन एक काला दिवस था इस ऑपरेशन से दो अहम खुलासे हुए थे. उन्होंने कहा कि, "भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण अपने ही कार्यालय में रिश्वत लेते कैमरे में कैद हो गए थे. घूस ली गई थी HHTI  के ठेके लिए, ब्रिटेन की कंपनी से गुप्त करार किया गया था कि भाजपा सरकार से आपको HHTI का ठेका दिलवाया जाएगा.  

शेरगिल ने आगे कहा कि इसे ऑपरेशन 'वेस्टएंड' जजमेंट-1 नाम दिया गया था. अब ऑपरेशन 'वेस्टएंड' जजमेंट-2 सामने आया है. जहां जया जेटली और उनके साथियों को डिफेन्स मिनिस्टर के घर पर बैठकर घूस लेने और आप पैसा लाओ सरकार से डील हम करवाएंगे के चक्कर में सज़ा हुई जिससे यह स्पष्ट होता है कि रक्षा समझौतों मे भाजपा की क्या भूमिका रही है."