कोरोना महामारी देश के भिन्न-भिन्न इलाकों में फंसे हुए हैं करीब दो तिहाई प्रवासी मेहनतकश, जाने हुआ यह हाल  

कोरोना महामारी देश के भिन्न-भिन्न इलाकों में फंसे हुए हैं करीब दो तिहाई प्रवासी मेहनतकश, जाने हुआ यह हाल  

कोरोना महामारी देश के भिन्न-भिन्न इलाकों में अभी भी करीब दो तिहाई प्रवासी मेहनतकश फंसे हुए हैं. पैसे समाप्त होने के कारण मेहनतकश अपने गांव से उधार मंगा रहे हैं. इनमें यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा व मध्य प्रदेश राज्यों से जुड़े मजदूरों ज्यादा परेशान हैं.

अजीम प्रेमजी यूनिटवर्सिटी के प्रोफेसर्स व स्ट्रैंडेड वर्कर्स एक्शन नेटवर्क यानी स्वान के साझा सर्वे में ये बात सामने आई है. यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर राजेंद्रन नारायणन ने 'हिन्दुस्तान' को बताया कि दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, लुधियाना, मुंबई, सूरत, गोवा, कोयंबतूर, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में फंसे मजदूरों से फोन पर हुई वार्ता से पता चला कि लोग बड़े समूहों में फंसे हुए हैं.

सर्वे रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय में प्रवासी मजदूरों की हालत पर हो रही सुनवाई का भी भाग है. नारायणन ने कहा, 15 मई से 1 जून के बीच हुए सर्वे के मुताबिक 67% लोग फंसे हुए हैं. इनमें से आधे तुरंत घर जाना चाहते हैं. पैसे के अभाव में वापस घर पहुंचने के लिए लोग गांव से उधार मंगाने के लिए मजबूर है.

पर्याप्त भोजन का संकट: अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के आजीविका सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए. ये 12 राज्यों में पांच हजार लोगों से फोन पर बाचतीत के जरिए हुए सर्वे के मुताबिक बिहार में 10 में से 7 परिवारों ने खाने की मात्रा कम की है. झारखंड में 10 में से 8 लोग पर्याप्त भोजन नहीं कर पा रहे हैं.