ये नए दो पाठ्यक्रमों का अध्ययन  हुआ जरूरी

ये नए दो पाठ्यक्रमों का अध्ययन  हुआ जरूरी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पीएचडी विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण से पहले पाठ्यक्रम के लिए प्रकाशन नैतिकता व कदाचार के दो नए पाठ्यक्रमों का अध्ययन जरूरी बना दिया है. आयोग ने हाल ही में एक मीटिंग में यह निर्णय लिया है.

यूजीसी के एक ऑफिसर ने बताया कि आयोग ने अपनी हालिया मीटिंग में पंजीकरण से पहले पाठ्यक्रम के लिए सभी पीएचडी विद्यार्थियों के लिए प्रकाशन नैतिकता (पब्लिकेशन एथिक्स) व प्रकाशन कदाचार (पब्लिकेशन मिसकंडक्ट) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दो क्रेडिट कोर्स को मंजूरी दी.

यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को आदेश दिए हैं कि यह सुनिश्चित करें कि अगले सत्र से ये दो कोर्स भी पीएचडी कोर्स वर्क में भी शामिल किए जाएं. पीएचडी पाठ्यक्रम में वर्तमान में अनुसंधान पद्धति (रिसर्च मेथोडोलॉजी) शामिल है, जिसमें मात्रात्मक उपायों (क्वांटेटिव मेथड), कंप्यूटर अनुप्रयोगों (कंप्यूटर एप्लीकेशन) व  प्रकाशित शोध की समीक्षा जैसे क्षेत्रों के कोर्स  शामिल हैं.