पकड़ा गया ट्रंप का झूठ, अमरीकी सरकार ने कहा- बातचीत से सुलझाया जाएं यह मामला

पकड़ा गया ट्रंप का झूठ, अमरीकी सरकार ने कहा- बातचीत से सुलझाया जाएं यह मामला

कश्मीर मामले को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का झूठ पकड़ा गया. ट्रंप के बयान उलट अमरीकी सरकार की ओर से एक बयान में बोला गया है कि कश्मीर मामला द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है.

ट्रंप का झूठ, कश्मीर मामला के लिए इमेज परिणाम

अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने अपने बयान में बोला कि पाक को आतंकवाद पर निर्णायक कार्रवाई करनी होगी. तभी हिंदुस्तान व पाक के बीच द्विपक्षीय बातचीत सार्थक हो सकती है.

गौरतलब है कि वाइट हाउस में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पीएम इमरान खान की वार्ता के दौरान मीडिया के सामने यह कहकर सबको चौका दिया था कि कश्मीर मामले पर मध्यस्था को लेकर हिंदुस्तान उससे विनती कर चुका है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लेकर यह बयान दिया था.

भारत ने मानने से इन्कार कर दिया

ट्रंप के इस बयान को हिंदुस्तान ने मानने से इन्कार कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने रिएक्शन में बोला है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति से ऐसी कोई विनती नहीं की है.हिंदुस्तान ने अपने रुख पर कायम रहते हुए इस मामले को द्विपक्षीय चर्चा से हल करने की बात दोहराई. इस पर अमरीका ने भी सहमति जताई है. अमरीका ने दोबारा एक बयान जारी कर ट्रंप के बयान पर सफाई दी.

भारत ने सोमवार को अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस दावे से मना किया कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाक के साथ कश्मीर मामले को सुलझाने के लिए उन्हें मध्यस्थता करने को बोला था.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दो ट्वीट करके इस पर हिंदुस्तान का रुख साफ किया है. उन्होंने बोला कि हमने अमरीकी राष्ट्रपति द्वारा मीडिया उस बयान को देखा है, जिसमें उन्होंने बोला है कि यदि हिंदुस्तान व पाक अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मामले पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है.

केवल द्विपक्षीय चर्चा की जाए

उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान का हमेशा से यही रुख रहा है कि पाक के साथ सभी लंबित मुद्दों पर केवल द्विपक्षीय चर्चा की जाए. रवीश कुमार ने दूसरे ट्वीट में बोला कि पाक के साथ किसी भी वार्ता के लिए सीमापार आतंकवाद पर लगाम लगाना महत्वपूर्ण होगी. हिंदुस्तान व पाक के बीच सभी मुद्दों के द्विपक्षीय रूप से निवारण के लिए शिमला समझौता व लाहौर घोषणापत्र का अनुपालन आधार होगा.

ट्रंप से कश्मीर मामले पर दखल देने की मांग की

गौरतलब है कि सोमवार को मुलाकात के दौरान इमरान ने ट्रंप से कश्मीर मामले पर दखल देने की मांग की. इमरान खान ने बयान दिया कि वह चाहते हैं कि संसार का सबसे शक्तिशालीदेश अमरीका शांति में अहम सहयोग दे । कश्मीर मामले का निवारण कर सकता है. उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान के साथ वार्ता के लिए उन्होंने कई कोशिश किए हैं.

इस पर जवाब देते हुए ट्रंप ने बोला कि दो हफ्ते पहले पीएम नरेंद्र मोदी से उनकी बात हुई थी. इस मामले पर मोदी ने बोला था कि क्या आप मध्यस्थ हो सकते हैं. यह मामला बीते 70 वर्षसे लटका हुआ है व हमें खुशी होगी यदि हम इसमें कोई मध्यस्थता कर सकें.'