आइये जानते हैं, सेल्यूलाइटिस के लक्षण

आइये जानते हैं, सेल्यूलाइटिस के लक्षण

सेल्यूलाइटिस स्किन इंफेक्शन है जो स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया से होता है. सर्जरी होने के बाद इस बैक्टीरिया का इंफेक्शन होने की संभावना रहती है. उपचार में देरी बीमारी की गंभीरता को बढ़ाती है.

संबंधित इमेज

ऐसे पहचानें
त्वचा का सूजना, लाल हो जाना, प्रभावित हिस्से का चमकदार होना जैसे लक्षण नजर आएं तो डॉक्टर से सम्पर्क करें.इसके अतिरिक्त गंभीर स्थिति पस बढऩे की समस्या सामने आने के साथ दर्द बढ़ता है. इसके मुद्दे बुजुर्गों, मधुमेह रोगी के अतिरिक्त उनमें सामने आते हैं जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोरी होती है.

होम्योपैथी में इलाज
सबसे पहले ये देखते हैं कि पस बनना प्रारम्भ हुआ है या नहीं. स्थिति देखकर बेलाडोना दवाई देते हैं. इसके अतिरिक्त दर्द व जलन अधिक होने पर एपिसमेल दवा दी जाती है. अगर इसके साथ रोगी को 103 - 104 डिग्री का फीवर है तो पायरोजेनेम मेडिसिन देते हैं. ये दवाएं कई बार मरीज की स्थिति के अनुसार बदली भी जाती हैं. गंभीर स्थिति जैसे पस बढ़ने पर दवा से कंट्रोल करते हैं स्थिति अधिक बिगडऩे पर सर्जरी की सलाह दी जाती है.

ये रखें ध्यान
- खानपान में हल्की-फुल्की चीजें लें.
- साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें. बर्तन, कपड़े, तौलिया आदि साफ होने चाहिए.
- जिन्हें अक्सर खांसी-जुकाम की शिकायत रहती है या रोग प्रतिरोधक क्षमता निर्बल है वे साफ-सफाई का खास ध्यान रखें ताकि संक्रमण से बचा जा सके.
- जिनकी सर्जरी हुई उन्हें अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
- कपड़ों का विशेष ख्याल रखें ये साफ व धुले हुए ही होने चाहिए.
- बाहर का खाना खाने से बचें. घर का तैयार भोजन ही करें.