विरल आचार्य का RBI के डिप्टी गवर्नर पद से इस्तीफा, पर्सनल कारणों का दिया हवाला

विरल आचार्य का RBI के डिप्टी गवर्नर पद से इस्तीफा, पर्सनल कारणों का दिया हवाला

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क). भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य (Viral Acharya) द्वारा पद से त्याग पत्र देने की समाचार सामने आ रही है. विरल आचार्य का कार्यकाल पूरा होने में अभी छह महीनों का समय बाकी था. विरल 23 जनवरी 2017 को आरबीआइ के डिप्टी गवर्नर बने थे. इस पद पर उनका कार्यकाल 3 वर्ष के लिए था. बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, आचार्य ने पर्सनलकारणों के चलते आरबीआइ के डिप्टी गवर्नर पद से त्याग पत्र दे दिया है. हालांकि, आरबीआइ ने अभी तक न तो इस समाचार की पुष्टि की है व न ही इससे मना किया है.

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस करेंगे ज्वाइन

विरल आचार्य आर्थिक उदारीकरण के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक के सबसे कम आयु के डिप्टी गवर्नर रहे हैं. उन्हें अगले वर्ष फरवरी माह में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में सीवी स्टार प्रोफेसर ऑफ इकनॉमिक्स के रूप में ज्वाइन करना था. बिज़नेस स्टैंडर्ड के अनुसार, वे अब इस वर्ष अगस्त में ही वहां ज्वाइन करने जा रहे हैं.

जुलाई के अंतिम दिनों में होंगे पदमुक्त

रिपोर्ट के अनुसार विरल आचार्य जुलाई के अंतिम दिनों में पद से मुक्त हो जाएंगे. यह भी बोला जा रहा है कि विरल ने हाल ही में हुई रिज़र्व बैंक की मौद्रिक समिति की मीटिंग से कुछ हफ्ते पहले ही त्याग पत्र दे दिया था.

विश्वनाथन का बढ़ सकता है कार्यकाल

विरल आचार्य के आरबीआइ के डिप्टी गवर्नर के पद से त्याग पत्र देने के बाद अब आरबीआइ के सबसे वरिष्ठ गवर्नर एन विश्वनाथन का कार्यकाल बढ़ने की संभावनाएं प्रबल नजर आ रही हैं. बताते चलें कि उनका कार्यकाल जुलाई के पहले हफ्ते में ही खत्म हो रहा है. रिज़र्व बैंक के उच्च पदों पर स्थायित्व लाने के लिए यह बहुत आवश्यक भी हो गया है.