बस में हुआ तीसरी कक्षा के विद्यार्थी संग रेप, आरोपी जानकर उड़ जाएंगे होश

बस में हुआ तीसरी कक्षा के विद्यार्थी संग रेप, आरोपी जानकर उड़ जाएंगे होश

स्कूल बस में भी बच्चे सुरक्षित नहीं है, व ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जो मुद्दा हाल ही में सामने आया है वह कुछ ऐसा ही है। इस मुद्दे में एक व्यक्तिगत स्कूल के दसवीं के तीन विद्यार्थियों ने तीसरी कक्षा के विद्यार्थी से स्कूल से घर जाते समय चलती बस में कुकर्म किया व ऐसा एक दिन नहीं बल्कि तीन-चार दिन तक लगातार होता रहा।

तीसरी कक्षा विद्यार्थी, बस, रेप के लिए इमेज परिणाम

वहीं बार-बार ऐसा होने पर बच्चे ने अपने दोस्त को सारी बात बताई तो मुद्दे का पता चला व पुलिस ने तीन विद्यार्थियों के विरूद्ध पोक्सो एक्ट के तहत मुद्दा दायर कर दो विद्यार्थियों को अरैस्ट कर लिया लेकिन एक की खोजबीन अब भी जारी है।

वहीं इस मुद्दे में पीड़ित बच्चे के परिजनों का आरोप है कि ''उन्होंने मुद्दे की शिकायत स्कूल प्रबंधन व पुलिस से की लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की.'' वहीं बीते सोमवार को परिजनों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया व उसके बाद कुछ देर के लिए कैथल-करनाल रोड पर जाम भी लग गया। वहीं उस दौरान मौके पर पहुंचे सिटी थाने के एसएचओ हरजिंद्र सिंह वडीएसपी बलजिंद्र सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिजनों ने हंगामा बंद किया। इस मुद्दे में एक हफ्ते पुराना बताया जा रहा है व इस मुद्दे में परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन व स्टाफ की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। इस मुद्दे में पुलिस को पीड़ित विद्यार्थी के बस मेट ने बताया- ''मेरा दोस्त थर्ड क्लास में पढ़ता है. 10वीं के तीन लड़के उसको बस की पीछे की सीट पर ले जाकर गंदे कार्य करते थे. दो-तीन दिन लगातार उन्होंने ऐसा किया. जब छुट्टी हो जाती थी तो बस में जाते हुए वे ऐसा करते थे. बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार की बात है, मेरे दोस्त को इन्होंने डराया था कि अगर वह यह बात घर बताई तो मार देंगे. भय के कारण वह किसी से नहीं बोलता था. मैंने प्यार से पूछा तो उसने सारी बात बता दी. उसकी आपबीती सुन मुझे बहुत दुख हुआ व रोना आ गया.

मैंने अपने घर जाकर मम्मी को बात बताई. मम्मी ने मेरे पापा को बताई. मेरे पापा व मेरे दोस्त के पापा दोनों दोस्त हैं. इसके बाद मेरे पापा ने दोस्त के पापा को यह बात बताई. जब उसके पापा ने उससे पूछा तो मेरे दोस्त ने सारी बात बता दी. जब ये ऐसा करते थे, तो लास्ट सीट पर व भी बच्चे बैठे होते थे. टीचर्स आगे की सीट पर बैठती थीं. हमारी बस एक माह पहले बेकारहो गई थी. फिर गांव के रूट वाली बस में हमें बैठाकर छोड़ा जाने लगा. जब से बस चेंज हुई तभी से हमारे साथ ऐसा होने लगा. जिस बस में हमें भेजा जाता था, उस बस में बैठने की स्थाननहीं होती थी, सीनियर लड़के मेरे दोस्त को पीछे बुला लेते थे.'' अब इस मुद्दे में सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है व स्कूल स्तर पर भी जाँच की जा रही है।