जासूसी ड्रोन के मार गिराए जाने के बाद ईरान को ट्रम्प की चेतावनी; ऑयल की कीमतें 6% बढ़ी, मुंबई के लिए उड़ानें रद्द

जासूसी ड्रोन के मार गिराए जाने के बाद ईरान को ट्रम्प की चेतावनी; ऑयल की कीमतें 6% बढ़ी, मुंबई के लिए उड़ानें रद्द

लंदन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी के बाद ऑयल की कीमतों में गुरुवार को छह फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. ईरान ने बुधवार को हार्मोज्गान प्रांत में निगरानी करते अमेरिकी जासूसी ड्रोन को मार गिराया था. इसके बाद गुरुवार को ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए बोला था कि ईरान ने बड़ी गलती की है.

न्यूयॉर्क में प्रातः काल से ही ऑयल की कीमतों में वृद्धि पंजीकृत की गई. यूरोप में ब्रेंट क्रूड (क्रूड ऑयल) की मूल्य लगभग पांच प्रतिशत बढ़ गए. वहीं, अमेरिका की यूनाइटेड एयरलाइंस ने बोला कि न्यू जर्सी के नेवार्क से मुंबई के बीच उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है. मुंबई के लिए उड़ानें ईरान के हवाईमार्ग से जाती हैं. एयरलाइंस ने बोला कि ईरान द्वारा ड्रोन का मार गिराए जाने के बाद सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. हालांकि, यह नहीं बताया गया कि उड़ानें कब तक निलंबित रहेंगी.

गुरुवार को अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान द्वारा जासूसी ड्रोम को मार गिराए जाने की पुष्टि की थी. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने बताया कि ट्रम्प को बुधवार रात ही इस घटना के बारे में बता दिया गया था.

इसके बाद ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए बोला कि जासूसी ड्रोन को मारकर ईरान ने बड़ी गलती की है. इससे पहले ईरान की वायुसेना ने बोला था कि हमने अमेरिका के जासूसी विमान को मार गिराया है. इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) एयरफोर्स ने बोला कि इस जासूसी विमान की पहचान आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक के रूप में हुई है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस कदम व ट्रम्प के बयान की निंदा की है.

‘अमेरिका अन्य राष्ट्रों पर दबाव बनाने की प्रयास करता है’
समाचार एजेंसी आईआरएनए ने ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमखानी के हवाले से कहा- ईरान व अमेरिका के बीच कोई सैन्य विवाद नहीं होगा क्योंकि युद्ध का कोई कारण नहीं है. दूसरे राष्ट्रों पर आरोप लगाना अमेरिकी अधिकारियों के लिए एक आम बात है. वे अन्य राष्ट्रों पर दबाव बनाने की प्रयास करते हैं.

दोनों राष्ट्रों के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव
यह घटना ऐसे वक्त हुई है, जब ईरान व अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है. पिछले वर्ष अमेरिका ने ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया था. अमेरिका, ईरान पर संयुक्त देश सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के उल्लंघन का आरोप लगाता रहा है.