वर्कआउट करने के लिए करे इसका सेवन देगा आपको ये फायदा

वर्कआउट करने के लिए करे इसका सेवन देगा आपको ये फायदा

भारतीय परंपरा के अनुसार प्रातः काल का समय सर्वोत्तम माना गया है. अंग्रेजी में भी कहावत है - 'अर्ली टू बेड, अर्ली टू राइज- मेक्स ए मैन हेल्दी, वेल्दी एंड वाइस.' प्रातः काल के समय प्रदूषण कम रहता है. शुद्ध ताजी हवा बहती है. पक्षियों की मधुर चहचहाहट सुनाई देती है. जाहिर-सी बात है, यह ओवरऑल हेल्थ के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक होता ही है. तो क्या वर्कआउट के लिए भी यह समय मुफीद है? अगर हां, तो जो आदमी नाइट शिफ्ट में देर रात तक कार्य करते हैं, वे क्या करें? आज इसी की पड़ताल कि वर्कआउट प्रातः काल करना बेहतर है या शाम को.

  1. अगर आपको प्रातः काल जल्दी बिस्तर छोड़ने में कोई कठिनाई नहीं होती है तो वर्कआउट के लिए प्रातः काल का समय बेहतर है. प्रातः काल के समय अभ्यास करने के अपने आप कई तरह के फायदे हैं :

    • कई रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग प्रातः काल के समय व्यायाम करते हैं, वे फिटनेस रुटीन का बेहतर पालन करते हैं, क्योंकि उनकी इच्छाशक्ति मजबूत होती है.
    • सुबह का वर्कआउट हमारे मेटाबॉलिज्म को गति प्रदान करता है. मेटाबॉलिज्म तेज होने का मतलब है कैलोरी बर्न करने की हमारी कैपेसिटी में बढ़ोतरी होना. यानी जिन्हें अपना वजन कम करना है, उनके लिए प्रातः काल का वर्कआउट ज्यादा लाभकारी है.
    • जब आप प्रातः काल वर्कआउट करते हैं, तो इसका मतलब यह है कि आपने दिन की आरंभ जल्दी कर ली है. इससे आपको मेंटल सेटिस्फेक्शन यह होता है कि आपने दिन का एक जरूरी काम पूर्ण कर लिया है व दिनभर तरोताजा, चुस्त-दुरुस्त व एनर्जेटिक भी महसूस करते हैं.
  2. अगर आपका कार्य व आपकी जीवन स्टाइल ऐसी है कि आप प्रातः काल जल्दी उठकर वर्कआउट नहीं कर सकते तो शाम के समय यह कार्य कर सकते हैं. इससे कुछ दूसरी तरह के फायदे मिलेंगे :

    • कुछ स्टडीज में पाया गया है कि शाम के वर्कआउट में आप ज्यादा स्ट्रेंथ एक्टिविटीज कर सकते हैं क्योंकि प्रातः काल के उल्टा आपका शरीर व दिमाग दिनभर की गतिविधियों के कारण पहले से ही एक्टिव है. यानी अगर आपको बॉडी बनानी है तो इवनिंग वर्कआउट बेहतर है.
    • सुबह जब आप वर्कआउट करते हैं तो दिन के बाकी के असाइनमेंट्स का पहले से ही तनाव रहता है. लेकिन शाम के समय आप न केवल इस तनाव से मुक्त रहते हैं, बल्कि इवनिंग वर्कआउट दिनभर का स्ट्रेस भी दूर करता है. यह बेहतर नींद भी सुनिश्चित करता है.
    • जो इवनिंग वर्कआउट का रुटीन स्ट्रिक्टली अनुसरण करते हैं, उनको परोक्ष रूप से एक लाभ व होता है. एक स्टडी के अनुसार ऐसे लोग लेट नाइट पार्टीज व पब को ज्यादा अवॉइड कर सकते हैं. यानी इवनिंग की वर्कआउट दूसरे ढंग से भी स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाती है.
  3. सबसे उपयुक्त समय वह है जो आपके शेड्यूल में फिट होता है व जिसे आप लगातार निरंतरता के साथ कर सकते हैं. दोनों समय के वर्कआउट के अपने-अपने फायदे हैं. आपको किस समय वर्कआउट करना है, इसका फैसला आपको खुद ही लेना है. सबसे जरूरी बात यह है कि आप किसी भी समय वर्कआउट करें, रेगुलर होना महत्वपूर्ण है. आप जो चाहते हैं, यानी वजन कम करना चाहते हैं या मसल्स बनाना चाहते हैं, तो यह अपने जिम इंस्ट्रक्टर को बताएं व उसके बताए अनुसार वर्कआउट करें. समय का कोई बंधन या नियम नहीं है.