आखिर सचिन ने गांगुली को क्यों दी करियर समाप्त करने की धमकी?

आखिर सचिन ने गांगुली को क्यों दी करियर समाप्त करने की धमकी?

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन व ने अपनी कमाल की साझेदारी से न जाने कितनी ही बार टीम की जीम में अहम किरदार निभाई थी। दोनों ने बतौर सलामी बल्लेबाज खूब वाहवाही लूटी थी। वहीं ये तो हम सभी जानते हैं कि दादा सौरव गांगुली व मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने करियर के शुरुआती दौर से ही एक दूसरे के अच्छे दोस्त रहे हैं। दोनों की दोस्ती सिर्फ मैदान तक ही सीमित नहीं थी, दोनों मैदान के बाहर भी एक-दूसरे के साथ अच्छा बॉन्ड शेयर करते थे व अब भी करते हैं।

लेकिन सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में एक समय ऐसा भी आया था कि वो सौरव गागुंली पर इतना गुस्सा हो गए थे कि उन्होंने गांगुली का करियर समाप्त करने की धमकी तक दे दी थी। दरअसल, ये बात वर्ष 1997 की है, जब सचिन टीम इंडिया (Team India) के कैप्टन थे व टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर थी। वहां बारबोडोस में टेस्ट मैच के दौरान टीम इंडिया को जीत के लिए सिर्फ 120 रन चाहिए थे, लेकिन पूरी टीम सिर्फ 81 रनों पर ढेर हो गयी थी। तेंदुलकर इस पराजय से बहुत ज्यादा दुखी थे व टीम से बहुत ज्यादा नाराज भी हुए थे।

इसके बाद तेंदुलकर ने टीम को जीत के लिए बेहतर प्रदर्शन के लिए बोला था व सचिन का गुस्सा देख कर सौरव गांगुली ने उन्हें शांत करने की पूरी प्रयास की थी। खबरों की मानें तो सचिन ने सौरव को अगले दिन प्रातः काल अपने साथ सैर पर साथ चलने के लिए बोला था, लेकिन गांगुली उनके साथ नहीं आए, जिसकी वजह से सचिन, गांगुली पर बहुत ज्यादा नाराज हो गए थे। दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई थी कि सचिन ने गांगुली को धमकी देते हुए कह दिया था कि ये उनके करियर का अंत है।

हालांकि बाद में धीर-धीरे दोनों में सब अच्छा हो गया था। वहीं बतौर कैप्टन सचिन कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए, मगर गांगुली की प्रतिनिधित्व में टीम लगातार आगे बढ़ती रही। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि सचिन की कप्तानी में टीम इंडिया ने 25 में से कुल 4 टेस्ट मैच जीते थे व 73 वनडे मैचों में सिर्फ 23 में ही टीम को जीत नसीब हुई थी। वहीं गांगुली की गिनती हिंदुस्तान के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में की जाती है व हो भी क्यों न, उन्होंने मैच फिक्सिंग के काले साये से भारतीय टीम को जो निकाला था।