बीजेपी पार्षदों ने ली राहत की सांस, आइए जानिए क्यो

बीजेपी पार्षदों ने ली राहत की सांस, आइए जानिए क्यो

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के पूर्व महापौर आदेश गुप्ता के दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद उत्तरी दिल्ली के उन बीजेपी पार्षदों ने राहत की सांस ली है

जो महापौर बनने के सपने देख रहे हैं. अगर, आदेश गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनते तो संभवत: उन्हें फिर से निगम महापौर की जिम्मेदारी दी जा सकती थी, लेकिन अब अध्यक्ष बनने के बाद वह इस रेस से बाहर हो गए हैं. इससे इस रेस में आने वाले दूसरे पार्षदों ने दम लगा दिया है.

शुरू हुई जोर आजमाइश

पूर्व महापौर प्रीति अग्रवाल से लेकर वर्तमान महापौर अवतार सिंह व नेता सदन तिलकराज कटारिया महापौर बनने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं. अब देखना होगा कि कौन इस रेस में बाजी मारता है. हालांकि, चर्चा है कि यहां पर यह है कि महापौर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की ही पंसद का होगा. क्योंकि, वह दूसरे साथी पार्षदों की निर्बल व मजबूत कड़ी को भलीभांति जानते हैं.

दोस्तके फ‌र्स्ट आने पर होता है ज्यादा दुख

एक फिल्म का संवाद है कि अगर दोस्त फेल हो जाए तो दुख होता है लेकिन यदि दोस्त फ‌र्स्ट आ जाए तो बेहद दुख होता है. ऐसा ही हाल इन दिनों दिल्ली के नगर निगमों का है. क्योंकि, बीजेपी पार्षदों में से एक पार्षद व पूर्व महापौर आदेश गुप्ता अब दिल्ली प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष बन गए हैं. इससे बीजेपी पार्षद खुश हैं क्योंकि अब तक जिन पार्षदों में साथ बैठकर पद पाने कीप्रतिस्पर्धा रहती थी उनमें से एक पार्षद अध्यक्ष बन गए हैं. अब उन्हें ही उन पार्षदों को पद देने का निर्णय लेना है जिनके साथ वह बैठा करते थे. कई पार्षद इस बात से खुश हैं कि नगर निगम कितना भी कार्य कर लें लेकिन, प्रदेश नेतृत्व की ओर से फटकार ही मिलती थी. अब चूंकि पार्षद ही प्रदेश बीजेपी का नेतृत्व कर रहा है तो कम से कम उनके दर्द को तो वह समझेगा.